श्री हनुमान चालीसा · Mar 22, 2019श्री हनुमान चालीसाअडियोTap to listenश्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि।बरनऊं रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।।बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।