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४० एपिसोड · hi
मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ
२०२५ अगस्ट २२ · ४९ मिनेट
दीप्ति नवल सिर्फ़ अभिनेत्री नहीं बल्कि कवयित्री, पेंटर, फोटोग्राफर और सोशल वर्कर भी हैं.
२०२५ अगस्ट १५ · ५३ मिनेट
असरानी ने कई तरह के रोल किए लेकिन एक कॉमेडियन के रूप में उन्हें अलग पहचान मिली.
२०२५ अगस्ट ८ · ४८ मिनेट
सई की फ़िल्में ना सिर्फ़ मनोरंजक हैं, बल्कि मुद्दों को हल्के-फुल्के अंदाज़ में उठाती हैं
२०२५ अगस्ट १ · ५४ मिनेट
रत्ना की नज़र में भारत से लेकर दुनिया के संस्थानों तक एक्टिंग के अच्छे टीचर हैं ही नहीं.
२०२५ जुलाई २५ · ४४ मिनेट
सुरेश वाडकर ऐसे गायक हैं जिनकी आवाज़ रूहानियत, शास्त्रीयता और भावनाओं का अनोखा संगम है.
२०२५ जुलाई १८ · २९ मिनेट
अनुराधा पौडवाल फ़िल्मों तक सीमित नहीं रहीं, भजनों के ज़रिए भी वो एक बड़े वर्ग तक पहुंचीं.
२०२५ जुलाई ११ · ५६ मिनेट
वो नाटक का मंच हो, सिनेमा का पर्दा हो, या टीवी की स्क्रीन, सुप्रिया ने हर जगह छाप छोड़ी.
२०२५ जुलाई ४ · ४७ मिनेट
अमजद अली ख़ान के पुरखों ने ही मध्य एशिया के वाद्य रबाब को संवारते हुए सरोद की शक्ल दी.
२०२५ जुन २७ · ३९ मिनेट
अंजन श्रीवास्तव ने अपनी सादगी और विश्वसनीय अभिनय से दर्शकों के दिलों में जगह बनाई.
२०२५ जुन २० · ४८ मिनेट
पहलवानों के खानदान में पैदा हुए हरिप्रसाद चौरसिया ने आखिर बांसुरी को ही क्यों चुना?
२०२५ जुन १३ · ४१ मिनेट
'एकजुट' थिएटर ग्रुप से नादिरा ने हिंदी रंगमंच को आगे बढ़ाया और नए कलाकारों को मौके दिए.
२०२५ जुन ६ · ४७ मिनेट
आशिक़ी से रातो रात स्टार बने कुमार सानू ने ऐसे गाने गाए जो हर किसी की ज़बान पर चढ़ गए.
२०२५ मे ३० · ३८ मिनेट
प्रेम नाम है मेरा, प्रेम चोपड़ा... ये डायलॉग और वो हंसी ही उनकी पहचान बन चुकी है.
२०२५ मे २३ · ४१ मिनेट
कबीर बेदी के सफ़र, रिश्तों की गहराई और अंतरराष्ट्रीय स्टारडम की कहानी
२०२५ मे १६ · ४६ मिनेट
इंडी पॉप, जैज़ की रानी उषा उत्थुप की अनूठी और गहरी आवाज़ ने पूरी दुनिया में छाप छोड़ी.
२०२५ मे २ · ४८ मिनेट
रंगमंच की बारीकियां सीख किरदारों में डूब जाने की कला और जुनून पंकज कपूर की पहचान है.
२०२५ अप्रिल २५ · ४४ मिनेट
महेश भट्ट के संघर्ष, दार्शनिक खोजें, निजी रिश्तों की उलझनें, सफलता और असफलताओं की कहानी
२०२५ अप्रिल १८ · १ मिनेट
मिलिए मशहूर हस्तियों से पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ.
२०२३ मार्च ३ · २० मिनेट
रवि प्रकाश ने जीवन में बड़े उतार-चढ़ाव देखे हैं, उनका संघर्ष अब भी जारी है.
२०२३ फेब्रुअरी २४ · २० मिनेट
ना सिर्फ़ पंकज त्रिपाठी बल्कि ऐसे बहुत से नाम हैं, जो रवि प्रकाश के लिए 'असल हीरो' हैं...
२०२३ फेब्रुअरी १७ · २० मिनेट
कैंसर के इलाज में जेब का खाली होना तय है लेकिन जिनके पास पैसा ही ना हो वो क्या करें?
२०२३ फेब्रुअरी १० · १८ मिनेट
जब कोई मेहमान आपके घर में अचानक आ जाए और जाने का नाम ही ना ले तो आप क्या करेंगे.
२०२३ फेब्रुअरी ३ · २१ मिनेट
कैंसर से जंग सांप सीढ़ी के खेल जैसी है, कभी उम्मीद तो कभी झटके की कहानी है ये.
२०२३ जनवरी २७ · १८ मिनेट
बंद मुठ्ठी से रेत की तरह फिसलती ज़िंदगी को रोकने का तरीका क्या है.रवि प्रकाश ने क्या किया
२०२३ जनवरी २० · १९ मिनेट
जब ज़िंदगी में अचानक मौत झांकने लगे तो क्या करेंगे आप.रवि ने इस स्थिति का सामना कैसे किया
२०२३ जनवरी १३ · १८ मिनेट
जनवरी 2021.रवि प्रकाश को पता चला कि उन्हें लंग कैंसर है और उनके पास हैं सिर्फ़ 18 महीने.
२०२३ जनवरी ६ · ३ मिनेट
ज़िंदगी के वो पन्ने जिनमें हर पूर्णविराम के बाद भी नये वाक़्य लिखने की स्याही है.
२०२१ मार्च २० · १५ मिनेट
अबूरी छायादेवी की ये कहानी बताती है कि एक महिला को चैन की नींद नसीब होना कितना मुश्किल है
२०२१ मार्च १३ · १७ मिनेट
साहित्यकार भास्कर चंदनशिव की प्रसिद्ध मराठी कहानी 'लाल चिखल' का हिंदी अनुवाद.
२०२१ मार्च ६ · १७ मिनेट
भीष्म साहनी की ये कहानी पुत्र मोह में बंधी मां की पीड़ा बयान करती है.
२०२१ फेब्रुअरी २७ · १६ मिनेट
‘रेवती’ को उड़िया भाषा की पहली कहानी माना जाता है. लेखक हैं फकीर मोहन सेनापति.
२०२१ फेब्रुअरी २० · १० मिनेट
पुडुमयपित्तन की ये कहानी बताती है कि गरीबी-लाचारी के चलते एक औरत को क्या नहीं करना पड़ता?
२०२१ फेब्रुअरी १३ · १५ मिनेट
विजयदान देथा की कहानी में सुनिए कि बेटे का हक़ किसे मिलता है सेठ को, सेठानी को या सुनार को
२०२१ फेब्रुअरी ६ · ११ मिनेट
उषा किरण ख़ान की लिखी ये कहानी बताती है कि एक नारी कैसे परिस्थितियों से समझौता करती है.
२०२१ जनवरी ३० · १४ मिनेट
पी.सत्यवती की ये कहानी है उस महिला की जो घर गृहस्थी के चक्कर में अपनी पहचान भूल चुकी है.
२०२१ जनवरी २३ · १२ मिनेट
पंजाबी कथाकार दलीप कौर टिवाणा की लिखी ये कहानी इंसानी रिश्तों की नई इबारत लिखती है.
२०२१ जनवरी १६ · ११ मिनेट
1958 में राजकमल चौधरी की लिखी कहानी समाज में निम्न वर्ग की महिलाओं की स्थिति बयां करती है.
२०२१ जनवरी ९ · १३ मिनेट
असग़र वजाहत की ये कहानी सवाल उठाती है कि क्या हमारा पुरुष प्रधान समाज, नारी विरोधी है?
२०२० अक्टोबर १७ · १ मिनेट
भारतीय भाषाओं के प्रसिद्ध लेखकों की चर्चित कहानियां, सुनिए रूपा झा से
२०२० सेप्टेम्बर २३ · १ मिनेट
ना सिर्फ़ दुनिया बल्कि भारत की अलग- अलग भाषाओं की प्रसिद्ध कहानियां