सीके राउतको उदयदेखि संन्याससम्मको कथा: किन विरक्तिए आफ्नै सहकर्मीसँग ?
lokaantar.com
. १ घण्टा अघि
नजाने क्या नशा है तेरी आँखो में । भेजता हूँ जिसे डुबके खो जाता है । नजाने क्या कशिश है तेरी बाँहों में । भेजता हूँ जिसे बेवफा होके आता है । जनमत पार्टीका अध्यक्ष डा. चन्द्रकान्त (सीके) राउतले फ...
Comment
Liked by: